टेक्नोलॉजी: सड़कों पर नहीं, अब आसमान में चलेगी टैक्सी! दुनिया की पहली 'फ्लाइंग सुपरकार' को मिला कमर्शियल लाइसेंस

सिलिकॉन वैली/टोक्यो:

ट्रैफिक जाम से परेशान होने वाले लोगों के लिए आखिरकार वो भविष्य आ गया है जो हम सिर्फ हॉलीवुड फिल्मों में देखते थे। एक मशहूर टेक कंपनी ने दुनिया की पहली वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (Aero-Car X1) वाली फ्लाइंग सुपरकार का सफल कमर्शियल ट्रायल पूरा कर लिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसे उड़ने और सड़कों पर सामान्य कार की तरह चलने, दोनों का आधिकारिक लाइसेंस मिल गया है।

​ क्या हैं इस 'उड़ने वाली कार' की खासियतें?

​इंटरनेट पर इस कार के उड़ान भरने का वीडियो महज 2 घंटे में 80 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
​बटन दबाते ही निकलेंगे पंख: यह कार सामान्य सड़कों पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है, लेकिन जैसे ही आप इसका 'फ्लाइट मोड' ऑन करते हैं, महज 45 सेकंड में इसके फोल्डेबल पंख बाहर आ जाते हैं।

​रॉकेट जैसी रफ्तार: हवा में इसकी टॉप स्पीड 350 किमी/घंटा है और यह एक बार फुल चार्ज होने पर 500 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है।
​AI ऑटोपायलट: इसमें एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम लगा है, जो हवा में दूसरे हवाई वाहनों से टक्कर होने से बचाता है।

​सोशल मीडिया पर मीम्स और एक्साइटमेंट की बाढ़

​वीडियो के वायरल होते ही नेटीजन्स के बीच मजेदार चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि अब कम से कम ऑफिस लेट पहुंचने के लिए 'ट्रैफिक जाम' का बहाना नहीं चलेगा।
​"फाइनली! अब मैं अपने घर की छत से सीधे ऑफिस की छत पर लैंड करूँगा।" — एक्स (X) पर एक यूजर का कमेंट
​"यह तो ठीक है, लेकिन अगर हवा में इसका चार्ज खत्म हो गया तो क्या होगा?" — यूट्यूब पर वायरल सवाल

​बुकिंग हुई शुरू!

​कंपनी ने घोषणा की है कि अगले महीने से चुनिंदा शहरों में इसकी प्री-बुकिंग शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, इसकी कीमत इतनी ज्यादा है कि शुरुआत में सिर्फ अरबपति ही इसका लुत्फ उठा पाएंगे, लेकिन कंपनी का दावा है कि अगले 3 सालों में वे इसकी 'फ्लाइंग एअर-टैक्सी' सर्विस शुरू करेंगे जो आम जनता के लिए भी बजट में होगी।

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