छत्तीसगढ़ में क्राफ्ट बीयर का दौर शुरू, सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी को दी मंजूरी

रायपुर, 26 जून 2026: छत्तीसगढ़ में बीयर पसंद करने वालों और होटल-रेस्टोरेंट उद्योग के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत माइक्रो ब्रुअरी (क्राफ्ट बीयर यूनिट) खोलने की अनुमति दे दी है। अब राज्य में भी मुंबई, बेंगलुरु, गोवा और पुणे की तरह ताजा और अलग-अलग फ्लेवर वाली क्राफ्ट बीयर तैयार कर ग्राहकों को परोसी जा सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत आबकारी विभाग माइक्रो ब्रुअरी के लिए लाइसेंस जारी करेगा। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन, होटल और रेस्तरां उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
माइक्रो ब्रुअरी में छोटे बैच में ताजा बीयर तैयार की जाती है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले माल्ट, हॉप्स और प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाता है। यही वजह है कि इसका स्वाद सामान्य फैक्ट्री में बनने वाली बीयर से अलग और अधिक ताजा माना जाता है।
सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें भी तय की हैं। ब्रुअरी और उससे जुड़े रेस्तरां का कुल क्षेत्रफल कम से कम 4,000 वर्गफीट होना चाहिए। साथ ही फायर सेफ्टी, मशीनों की सुरक्षा और अन्य तकनीकी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
नई नीति के अनुसार माइक्रो ब्रुअरी संचालकों को हर वर्ष 10 लाख रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा। पहले यह शुल्क 25 लाख रुपये था, जिसे कम कर कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से घटाया गया है। लाइसेंस लेते समय शुल्क का 25 प्रतिशत सुरक्षा राशि के रूप में जमा करना होगा। प्रत्येक माइक्रो ब्रुअरी को प्रतिदिन अधिकतम 1,000 लीटर क्राफ्ट बीयर उत्पादन की अनुमति रहेगी।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य में पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को नई गति मिलेगी और उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्राफ्ट बीयर का अनुभव स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।

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