पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता डीएसपी की पहचान आरोपी नरेश दामोहे से करीब दो वर्ष पुरानी थी। आरोपी स्वयं को वकील और फाइनेंस कारोबारी बताकर विश्वास में लेता रहा। 25 जून को उसने डीएसपी को फोन कर 5 लाख रुपये दोगुना कर बैंक खाते में जमा कराने का लालच दिया और अलग-अलग स्थानों पर बुलाता रहा।
रात में नेताजी चौक से आरोपी अपने दो साथियों के साथ डीएसपी की कार में बैठकर इलेवन ग्राउंड पहुंचे। इसी दौरान कुछ अन्य लोग भी वहां पहुंचे और विवाद की स्थिति बन गई। डीएसपी विवाद से बचने के लिए कुछ देर के लिए वहां से हट गए। जब वापस लौटे तो कार में रखा सूटकेस सुरक्षित था, लेकिन उसके भीतर रखे 5 लाख रुपये गायब मिले। मोबाइल और अन्य दस्तावेज सुरक्षित थे।
शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने नरेश दामोहे और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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