गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए करें ये काम, मिलेगा तुरंत सुकून

गर्मियों में शरीर को ठंडा और शांत रखने के लिए शशांकासन, शवासन, विपरीत करनी, भुजंगासन और शीतली प्राणायाम जैसे योगासन फायदेमंद माने जाते हैं। ये आसन शरीर को रिलैक्स करने, तनाव कम करने और गर्मी से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
: गर्मी का मौसम आते ही शरीर में थकान, बेचैनी, पसीना और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। कई लोग तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से जल्दी थक जाते हैं या पूरे दिन सुस्ती महसूस करते हैं। ऐसे में सिर्फ AC या कूलर पर निर्भर रहना हमेशा पर्याप्त नहीं होता। शरीर को अंदर से शांत और ठंडा रखने के लिए लाइफस्टाइल और दिनचर्या में कुछ हेल्दी बदलाव करना भी जरूरी होता है।
 
योग उन्हीं आसान और असरदार तरीकों में से एक माना जाता है, जो शरीर और मन दोनों को राहत देने में मदद कर सकता है। कुछ खास योगासन और प्राणायाम शरीर की गर्मी को शांत करने, तनाव कम करने और मन को रिलैक्स करने में मददगार माने जाते हैं।
 
यही वजह है कि गर्मियों में योग को नेचुरल कूलिंग थेरेपी की तरह देखा जाता है। अगर आप भी गर्मी और बेचैनी से परेशान रहते हैं, तो आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे आसान योगासन, जिनका नियमित अभ्यास शरीर को ठंडक और ताजगी का अहसास दिला सकता है।
 
गर्मियों में राहत दिला सकते हैं ये योगासन
 
बालासन
 
बालासन को शशांकासन या अंग्रेजी में चाइल्ड पोज भी कहा जाता है। यह आसन शरीर को रिलैक्स करने और मानसिक तनाव कम करने में मदद कर सकता है। गर्मियों में इसे करने से शरीर को आराम और ठंडक महसूस हो सकती है। सुबह या शाम के समय इसका अभ्यास ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
 
शवासन
 
शवासन सबसे आसान लेकिन असरदार योगासन में से एक माना जाता है। इसमें शरीर को पूरी तरह रिलैक्स किया जाता है। गर्मी और थकान से परेशान लोगों के लिए यह आसन काफी सुकून देने वाला हो सकता है।
 
विपरीत करणी प्राणायाम
 
इस आसन में पैरों को ऊपर की ओर रखा जाता है, जिससे शरीर को रिलैक्स महसूस हो सकता है। लंबे समय तक खड़े रहने या गर्मी में ज्यादा थकान होने पर यह योगासन आराम देने में मददगार माना जाता है।
भुजंगासन
भुजंगासन शरीर को स्ट्रेच देने और एनर्जी बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे बहुत ज्यादा गर्म वातावरण में करने से बचना चाहिए। सही तरीके और शांत माहौल में इसका अभ्यास शरीर को हल्का महसूस करा सकता है।

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