केरल में कांग्रेस की संभावित सरकार को लेकर मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व अभी तक किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाया है, लेकिन संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी के भीतर उनके समर्थन में माहौल लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री चयन को लेकर रायशुमारी के लिए कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेताओं मुकुल वासनिक और अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा था। दोनों नेताओं ने विधायकों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी राय जानी और अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश विधायकों ने के. सी. वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार अब अंतिम निर्णय राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को लेना है। कांग्रेस नेतृत्व लगातार वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर रहा है और संभावना जताई जा रही है कि रविवार तक मुख्यमंत्री पद को लेकर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल में कांग्रेस की सत्ता की चाबी इस समय राहुल गांधी के हाथ में है। पार्टी के भीतर के. सी. वेणुगोपाल को राहुल गांधी का सबसे करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता है। यही कारण है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बताया जा रहा है। हालांकि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि उन्हें केरल की कमान सौंपी जाती है तो कांग्रेस संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर को लेकर भी सियासी चर्चा तेज हो गई है। तस्वीर में मुकुल वासनिक के हाथ में एक कागज दिखाई दे रहा है, जिसमें कई विधायकों के नाम के सामने ‘प्राथमिकता’ कॉलम में ‘केसी’ लिखा हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस में आमतौर पर ‘केसी’ का उपयोग के. सी. वेणुगोपाल के संदर्भ में किया जाता है। हालांकि वासनिक ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर जो बातें कही जा रही हैं, वे सही नहीं हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री पद की दौड़ केवल वेणुगोपाल तक सीमित नहीं मानी जा रही है। वी. डी. सतीशन को भी पार्टी का मजबूत चेहरा माना जा रहा है। विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार को लगातार घेरने का काम किया और कांग्रेस की आक्रामक रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। वहीं वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला भी दावेदारों की सूची में शामिल हैं। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर भी गंभीरता से विचार कर सकता है। अब नजर कांग्रेस आलाकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में केरल की राजनीति की दिशा तय करेगा।

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