संभावित पेट्रोल-डीजल संकट और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार से शासकीय कार्यालयों में आवश्यकता अनुसार ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इस संबंध में फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर जल्द आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
फेडरेशन का कहना है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते ईंधन संकट और मूल्य वृद्धि की आशंका लगातार बनी हुई है। ऐसे समय में ईंधन संरक्षण, अनावश्यक आवागमन में कमी और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्राथमिकता देना जरूरी हो गया है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा भी ऊर्जा संरक्षण तथा अनावश्यक यात्रा कम करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को भी आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ उठाते हुए नई कार्यप्रणाली अपनानी चाहिए।
फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ शासन पहले ही ई-ऑफिस और पेपरलेस कार्यप्रणाली लागू कर चुका है, जिसके माध्यम से अधिकांश प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन प्रभावी ढंग से संपादित किए जा सकते हैं। ऐसे में चरणबद्ध तरीके से ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू करना पूरी तरह व्यवहारिक और जनहित में होगा।
विशेष रूप से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। फेडरेशन का मानना है कि यदि कर्मचारियों को आवश्यकता अनुसार घर से कार्य करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे ईंधन की बड़ी मात्रा में बचत होगी, यातायात दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल इस मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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