पुलिस जांच में पता चला कि मृतक गौरीशंकर पटेल शराब पीने का आदी था और अक्सर घरवालों से विवाद करता था। घटना वाली रात भी वह अत्यधिक नशे में था। इसी दौरान पिता उमेद सिंह पटेल, भाई शिवशंकर पटेल और एक नाबालिग ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी।
आरोप है कि मारपीट के बाद युवक के हाथ-पैर बांधकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद पूरे मामले को आत्महत्या साबित करने के लिए मृतक के मुंह में जहरीला पदार्थ डाला गया और आसपास भी जहर फैलाया गया, ताकि पुलिस को मामला आत्महत्या का लगे।
अगले दिन पिता ने गांव वालों और पुलिस को बेटे द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने की सूचना दी। लेकिन जांच के दौरान शव पर चोट के निशान और घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को संदेह में डाल दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गहन जांच की गई, जिसमें हत्या की साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने कुछ ही घंटों में मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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