जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 36,637 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 30,903 आवेदन उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए किए गए हैं। 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने सबसे अधिक आवेदन दिए हैं, जबकि 10वीं के छात्र भी बड़ी संख्या में अपनी कॉपियों की दोबारा जांच कराने के लिए आगे आए हैं।
इसके अलावा अंकों की पुनर्गणना के लिए 2,248 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कई विद्यार्थियों ने पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति—तीनों प्रक्रियाओं के लिए आवेदन किया है। ऐसे आवेदनों की संख्या 264 बताई गई है।
माशिमं अधिकारियों के मुताबिक पुनर्मूल्यांकन दो विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। यदि नए मूल्यांकन में पहले से प्राप्त अंकों में 5 या उससे अधिक अंकों का अंतर पाया जाता है, तभी संशोधित अंक मान्य होंगे। वहीं पुनर्गणना में अंक बढ़ने या घटने दोनों की संभावना रहेगी।
बोर्ड का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा में पूरी की जाएगी ताकि विद्यार्थियों को सही मूल्यांकन मिल सके।

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