महंगे पेट्रोल-डीजल से बढ़ा EV क्रेज, हर 10 में 3 नई कारें होंगी इलेक्ट्रिक

नई दिल्ली, 23 मई 2026। दुनियाभर में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। महंगे पेट्रोल-डीजल, तेल संकट और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चिंताओं के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2026 में दुनिया भर में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2.3 करोड़ यूनिट के पार पहुंच सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार 2026 में बिकने वाली हर 10 नई कारों में लगभग 3 कारें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी। कई देशों में सरकारें EV को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, टैक्स छूट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही हैं।
भारत में भी इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि देश में EV की हिस्सेदारी अभी सीमित है, लेकिन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। 2025 में भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में करीब 75 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह आंकड़ा 1.65 लाख यूनिट तक पहुंच गया।
टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां देश में इलेक्ट्रिक कारों के बाजार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। नई तकनीक, बेहतर बैटरी बैकअप और बढ़ते चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क ने लोगों का भरोसा मजबूत किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बाजार में दुनिया का सबसे बड़ा देश बन चुका है। 2025 में देश में करीब 13 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन न केवल ईंधन खर्च कम करेंगे बल्कि प्रदूषण घटाने में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। यही वजह है कि दुनिया के कई देशों में EV सेक्टर को भविष्य की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल क्रांति माना जा रहा है।

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