आगजनी में खाक हुए मान्यता के दस्तावेज, रायपुर DEO ने निजी स्कूलों से 9 साल का रिकॉर्ड फिर मांगा, 3 दिन का अल्टीमेटम

रायपुर, 23 मई 2026। राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित जिला शिक्षा कार्यालय में जनवरी में लगी भीषण आग का असर अब निजी स्कूलों पर दिखाई देने लगा है। आग में निजी स्कूलों की मान्यता और RTE प्रतिपूर्ति भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए थे। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के 900 से अधिक निजी स्कूलों को वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक के मान्यता संबंधी रिकॉर्ड दोबारा जमा करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को दस्तावेज जमा करने के लिए केवल तीन दिन का समय दिया गया है।
डेढ़ सौ से ज्यादा बस्तों में रखी फाइलें जलकर राख
जनवरी में जिला शिक्षा कार्यालय के पुराने भवन के भंडार कक्ष में लगी आग में करीब 23 अलमारियों और 150 से अधिक बस्तों में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज जल गए थे। इनमें निजी स्कूलों की मान्यता फाइलें, RTE प्रतिपूर्ति भुगतान रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन योजना, अनुकंपा नियुक्ति और इंस्पायर अवार्ड से जुड़ी फाइलें शामिल थीं।
शिक्षा विभाग के अनुसार आगजनी की इस अप्रत्याशित घटना के कारण निजी स्कूलों की मान्यता से संबंधित मूल अभिलेख कार्यालय स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में स्कूलों से रिकॉर्ड दोबारा मंगवाया जा रहा है ताकि भविष्य की प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
रिकॉर्ड जलने पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने पुलिस कमिश्नर, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आग में रिकॉर्ड जलने की घटना बेहद गंभीर है और इससे जुड़े शेष दस्तावेजों व डिजिटल डेटा को तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने RTE प्रतिपूर्ति राशि और निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराने की भी मांग की है। साथ ही रिकॉर्ड गायब होने और अभिलेख जलने की घटनाओं की संयुक्त जांच कर दोषी अधिकारियों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग उठाई है।
विकास तिवारी का आरोप है कि निजी स्कूलों की मान्यता और RTE भुगतान में अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

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