बताया जा रहा है कि घटना के बाद से सुनीता पूरी तरह टूट गई थीं। वह लगातार गुमसुम रहने लगी थीं और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रही थीं। परिवार के लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पति के बिछड़ने का दुख वह सहन नहीं कर पाईं। पति की मौत के दो दिन बाद उन्होंने भी आत्मघाती कदम उठा लिया।
रामनारायण और सुनीता की शादी करीब 4 साल पहले हुई थी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है
जीवन में दुख और हानि का सामना करना बेहद कठिन होता है। यदि आप या आपका कोई परिचित अत्यधिक मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहा है, तो कृपया मदद लें। अपनों से बात करें और तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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