राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए संपत्ति रजिस्ट्री शुल्क को 4 प्रतिशत से घटाकर केवल 2 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले का असर अब बिलासपुर जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में साफ दिखाई देने लगा है।
11 दिनों में 333 महिलाओं ने कराई रजिस्ट्री
7 मई से 18 मई के बीच जिले में 333 महिलाओं ने संपत्ति की खरीदी-बिक्री की प्रक्रिया पूरी कराई। इससे शासन को लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यदि पुरानी व्यवस्था के अनुसार 4 प्रतिशत शुल्क लागू रहता, तो यह राशि करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपए तक पहुंच सकती थी। यानी महिलाओं को राहत देने के लिए सरकार ने लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए का संभावित राजस्व छोड़ दिया।
महिलाओं की संपत्ति में बढ़ रही भागीदारी
रजिस्ट्री शुल्क कम होने के कारण अब बड़ी संख्या में लोग महिलाओं के नाम पर जमीन और मकान खरीद रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और संपत्ति पर अधिकार मजबूत हो रहा है।
जानकारों के अनुसार इस फैसले का सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्गीय परिवारों को मिल रहा है। रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि महिलाओं के लिए रियायती शुल्क लागू होने के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। अब कई परिवार पत्नी या बेटियों के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
जिला पंजीयक राजीव स्वर्णकार ने बताया कि शासन ने 7 मई से महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट दी है, जिसके बाद अब महिलाओं के लिए मात्र 2 प्रतिशत रजिस्ट्री चार्ज ही लिया जा रहा है।

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