राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: भू-अभिलेख होंगे ऑनलाइन, खत्म होगी रिकॉर्ड रखने की समस्या

रायपुर, 27 मई 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने राजस्व एवं भू-अभिलेखों के संरक्षण और प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी जिलों में पुराने राजस्व रिकॉर्ड और भू-अभिलेखों को डिजिटलाइज करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए राजस्व विभाग ने संभागायुक्तों और कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राजस्व विभाग के अनुसार अधिकांश जिलों की नकल शाखाओं और अभिलेखागारों में वर्षों पुराने रिकॉर्ड के कारण जगह की भारी कमी हो रही है। कई अभिलेख ऐसे हैं जिनकी संरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन वे अब भी रिकॉर्ड रूम में रखे हुए हैं। इससे शासन को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
राजस्व सचिव शम्मी आबिदी ने निर्देश दिए हैं कि जिन अभिलेखों की समय-सीमा पूरी हो चुकी है, उनका नियमानुसार नस्तीकरण किया जाए। वहीं महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को स्कैनिंग कर डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखा जाएगा। जिन मामलों में अपील, पुनरीक्षण या न्यायालयीन प्रक्रिया लंबित है, उन्हें नस्तीकरण से अलग रखा जाएगा।
सरकार ने नए जिलों के अभिलेखों को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में कई नए जिलों के रिकॉर्ड पुराने जिलों में सुरक्षित हैं, जिन्हें संबंधित जिलों में स्थानांतरित किया जाएगा। साथ ही अभिलेखों की स्कैनिंग का कार्य भी तेज किया जाएगा।
राजस्व विभाग ने सभी जिलों को तीन महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। शासन का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था से आम नागरिकों को राजस्व संबंधी दस्तावेज आसानी से उपलब्ध होंगे और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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