राजनीतिक गलियारों में यह बयान कांग्रेस के भीतर बढ़ती असहजता और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई कार्यकर्ताओं ने पीसीसी अध्यक्ष की कार्यशैली और संगठन की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ नेताओं और समर्थकों ने तो बैज को अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने की सलाह तक दे डाली।
वीडियो हटाने के बाद भी नहीं थमा विवाद
विवाद बढ़ने और पार्टी की लगातार हो रही किरकिरी के बाद दीपक बैज ने सिंहदेव को लेकर जारी अपना वीडियो हटा दिया। सूत्रों के मुताबिक, मामले की जानकारी तत्काल दिल्ली तक पहुंची, जहां पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक बयानबाजी पर नाराजगी जताई है। पार्टी के भीतर इसे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में नुकसानदायक माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद बैज ने खुद सिंहदेव से फोन पर चर्चा की और माहौल सामान्य बताने की कोशिश की गई, लेकिन संगठन के अंदरखाने में नाराजगी अब भी बनी हुई है। कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश संगठन कमजोर हुआ है और पार्टी को फिर से मजबूती देने के लिए अनुभवी नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही है।
संगठन की कार्यशैली पर भी उठे सवाल
कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी अब खुलकर यह स्वीकारने लगे हैं कि संगठन में अपेक्षित ऊर्जा और समन्वय की कमी दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि युवाओं को अवसर तो मिला, लेकिन उसका अपेक्षित राजनीतिक परिणाम सामने नहीं आया। ऐसे में अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की मांग उठने लगी है।
सिंहदेव ने कहा – “अब इन बातों में कुछ नहीं रखा”
पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह पीसीसी अध्यक्ष की व्यक्तिगत राय या सलाह हो सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हो चुकी है और अब इस मामले में किसी प्रकार का विवाद नहीं है।
“यह उनकी राय या सलाह हो सकती है। हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनसे फोन पर बातचीत भी हुई है। इन बातों में अब कुछ नहीं रखा है, न तो कोई विवाद है।” — टीएस सिंहदेव, पूर्व डिप्टी सीएम एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता

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