रायपुर।17 मई 2026| छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने सोमवार 18 मई से RTE के तहत गरीब बच्चों को एडमिशन देने का निर्णय लिया है। एसोशिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा, मांगो को लेकर हमारा असहयोग आंदोलन जारी रहेगा।
अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा, संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है, असहयोग आंदोलन हमारी यह दोनों मांगे पूरी हो जाने तक जारी रहेगा, लेकिन वंचित वर्ग के एक भी विद्यार्थियीं की शिक्षा बाधित ना हो इसलिए सोमवार 18 मई से प्रदेश के सभी निजी स्कूल ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रवेश देने का फैसला लिया है।
बता दें, प्रदेश के निजी स्कूलों ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन का ऐलान किया था। अनदेखी को ध्यान में रखते हुए निजी स्कूलों ने इस वर्ष शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रवेश न देने का निर्णय लिया था। राजीव गुप्ता ने कहा, 2 दिन पहले इस वर्ष आरटीई के प्रवेश के आंकड़े जो स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं उसमें 33 में से 29 जिलों में 50% से ऊपर दाखिले शेष थे. यह आंदोलन की सफलता को दर्शाता है।
संगठन द्वारा प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की दायर याचिका के आदेश 19.सितंबर.2025 को उच्च न्यायालय ने 6 महीने के अंदर संगठन द्वारा दी गई रिप्रेजेंटेशन पर निर्णय हेतु आदेशित किया था। आदेश का पालन न किए जाने के कारण संगठन द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी को माननीय उच्च न्यायालय से नोटिस जारी हुआ है।
अध्यक्ष का कहना है, ढाई महीने के सतत आंदोलन के बाद भी हमारी मांगे नहीं मानी गई है। आंदोलन की सफलता से विचलित होकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अलग-अलग तरीकों से आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है।
असहयोग आंदोलन अब सिर्फ प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने बस का नहीं रह गया है। इसमें इस वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एंट्री क्लास बदलकर कक्षा 1 कर दी गई है उसे वापस बदल कर किसी भी स्कूल की एंट्री क्लास किया जाये भी जोड़ दी गई है. स्कूलों तक पहुंच रहे वंचित परिवारों की पीड़ा पर यह मांग पर जोड़ दी गई है।
वंचित परिवारों को एंट्री क्लास बदलकर शिक्षा से दूर किया गया है। प्रतिवर्ष लगभग 65000 विद्यार्थियों का प्रवेश होता था इस साल प्रदेश के स्कूलों में रिक्त सीटों की संख्या सिर्फ 22000 है।
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने फिर स्कूल शिक्षा विभाग से इस वर्ष शासकीय स्कूलों में होने वाली प्रति विद्यार्थी राशि को सार्वजनिक करने मांग की है। नियमों में इतनी ही राशि निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि के रूप में देने का उल्लेख है।
इस दिन से RTE में गरीब बच्चों को प्रवेश देंगे निजी स्कूल, असहयोग आंदोलन

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