CG निगम-मंडल अपडेट : तीन दर्जन से ज्यादा भाजपा नेताओं को मिलेंगे पद, दूसरी सूची का इंतजार जारी.. जाने, किन निगम-मंडलों में नियुक्तियां है लंबित..

पी. कुमार । रायपुर/-
 
भाजपा सरकार बनने के सवा साल बाद अब छत्तीसगढ़ में निगम, मंडल और आयोगों में भाजपा नेताओं की नियुक्तियों का सिलसिला तेज हो गया है। हाल ही में सरकार ने 36 पदों पर नेताओं की नियुक्ति की है, जिनमें पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया चल रही है। अब सभी की नजरें दूसरी सूची पर टिकी हैं, जिससे करीब तीन दर्जन यानी 36 और भाजपा नेताओं को पद मिलने की संभावना है।
 
12 निगम-मंडलों में नियुक्तियां अभी लंबित
 
सूत्रों के मुताबिक, अभी भी करीब 12 निगम-मंडल ऐसे हैं, जहां नियुक्ति की प्रक्रिया बाकी है। इनमें बेवरेज कॉर्पोरेशन, अपेक्स बैंक, मार्कफेड, लघु वनोपज सहकारी संघ, फिल्म विकास निगम, मत्स्य महासंघ, हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, सिंधी अकादमी, हज कमेटी और सहकारी संघ शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर विकास प्राधिकरण और गृह निर्माण मंडल जैसे संस्थानों में उपाध्यक्ष और सदस्य पद भी खाली हैं। इनकी संख्या भी करीब डेढ़ दर्जन से अधिक है।
 
सहकारी बैंकों और शक्कर कारखानों में भी होगी नियुक्ति
 
प्रदेश सरकार पांच जिलों के सहकारी केंद्रीय बैंक और चार शक्कर कारखानों में अध्यक्ष पद पर भी नियुक्ति करने जा रही है। इसके चलते कुल मिलाकर 40 भाजपा नेताओं को जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना बन रही है।
 
जातीय समीकरण और चुनावी मेहनत को मिल रहा इनाम
 
पहली सूची में जिन 36 नेताओं को पद दिए गए हैं, उनमें से अधिकतर प्रदेश संगठन से जुड़े हैं। जातीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है, हालांकि एससी वर्ग को पहली सूची में स्थान नहीं मिला। मगर संभावना जताई जा रही है कि दूसरी सूची में SC वर्ग और चुनावी मेहनत करने वाले नेताओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा।
 
पदभार में फंसे पेंच, आधा दर्जन नेताओं की तैनाती अधर में
 
हालांकि, पहली सूची के छह नेताओं की नियुक्तियों में कुछ तकनीकी या राजनीतिक अड़चनें हैं, जिस वजह से वे अभी पदभार ग्रहण नहीं कर सके हैं। बाकियों का पदभार ग्रहण करने का सिलसिला इस माह के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
 
दूसरी सूची पर राष्ट्रीय संगठन की मुहर बाकी
 
प्रदेश सरकार ने दूसरी सूची का ड्राफ्ट तैयार कर राष्ट्रीय संगठन के पास भेजा है। वहां से मंजूरी मिलते ही सूची जारी कर दी जाएगी। दूसरी सूची को भी पहले की तरह गुप्त रखा गया है, ताकि किसी तरह की नाराजगी या अंदरूनी विवाद से बचा जा सके।

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