भाजपा में बड़ा मंथन! CG के मंत्रियों के कामकाज की भी होगी जांच, दो डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर उठे सवाल… कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज…

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अगले महीने दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों के कामकाज की बड़ी समीक्षा करने जा रहा है। इस समीक्षा में विष्णुदेव साय सरकार के प्रदर्शन का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, यह समीक्षा केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकार और संगठन के समन्वय, जनहित योजनाओं की प्रगति और मंत्रियों के विभागीय प्रदर्शन पर भी गहन चर्चा होगी। हालांकि समीक्षा बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन पार्टी स्तर पर इसकी तैयारी तेज हो गई है।
 
पांच भाजपा शासित राज्यों की तैयार हो रही रिपोर्ट
 
जानकारी के अनुसार भाजपा नेतृत्व छत्तीसगढ़ सहित पांच भाजपा शासित राज्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवा रहा है। इसमें यह देखा जाएगा कि चुनावी वादों और घोषणाओं पर सरकारों ने कितना काम किया है और योजनाओं का जमीनी असर कैसा है।
पार्टी यह भी जानना चाहती है कि जनता के बीच सरकार की छवि कैसी बन रही है और संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता कितनी प्रभावी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर राज्यों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
 
मंत्रियों के कामकाज का होगा मूल्यांकन
 
सूत्रों का कहना है कि समीक्षा बैठक में मंत्रियों के विभागवार प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा। जिन विभागों में योजनाओं की रफ्तार धीमी पाई जाएगी या जनता में असंतोष की स्थिति होगी, वहां बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। भाजपा नेतृत्व आगामी चुनावों और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए सरकारों की कार्यशैली को अधिक प्रभावी और परिणाममूलक बनाना चाहता है।
 
“दो डिप्टी सीएम” फॉर्मूले पर भी मंथन
 
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि भाजपा भविष्य में “दो डिप्टी सीएम” वाले फॉर्मूले पर पुनर्विचार कर सकती है। हाल ही में कुछ राज्यों में पार्टी ने बिना डिप्टी सीएम के सरकार बनाई है, जिसके बाद अब सत्ता संरचना को अधिक सरल और केंद्रीकृत बनाने पर विचार चल रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी के भीतर इसे लेकर गंभीर मंथन होने की चर्चाएं हैं।
 
समीक्षा के बाद फेरबदल के संकेत
 
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में होने वाली समीक्षा और रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव को लेकर राजनीतिक अटकलें लगातार तेज हैं। मुख्यमंत्री के हर दिल्ली दौरे के बाद इन चर्चाओं को और बल मिलता रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जून का महीना छत्तीसगढ़ की राजनीति में कई बड़े बदलावों का संकेत दे सकता है।

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