मई महीने में राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर जैसे शहरों में कई दिनों तक भीषण गर्मी और लू का असर बना रहा। इस बार भी प्रदेश में 28 साल पुराना तापमान रिकॉर्ड कायम रहा, हालांकि लोगों को लगातार झुलसाने वाली गर्मी ने बेहाल कर दिया।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। इसके चलते कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इससे अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून की दस्तक के संकेत भी मिल रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गर्मी से राहत का दौर और मजबूत हो सकता है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी है।

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