जानकारी के अनुसार, खराब मौसम, तेज बारिश और बिजली गुल होने का फायदा उठाकर नाबालिगों ने एक बैरक की खिड़की को पूरी तरह उखाड़ दिया। इसके बाद वे उसी रास्ते बाहर निकले और संप्रेक्षण गृह की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य गेट पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन उन्हें इस घटना की भनक तक नहीं लगी। जब बैरक की जांच की गई तो 11 नाबालिगों के गायब होने का पता चला। इसके बाद तत्काल गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। आसपास के जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर फरार नाबालिगों की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि फरार नाबालिगों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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