रायपुर। साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू के मोबाइल नंबर पर कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के जरिए ठगी का प्रयास किया गया। हालांकि समय रहते सतर्कता बरतने से बड़ी साइबर ठगी टल गई।
पूर्व मंत्री के निजी सचिव सोमेश सिंह ठाकुर ने बताया कि धनेंद्र साहू के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ब्लू डार्ट कूरियर का कर्मचारी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास से उनके नाम एक महत्वपूर्ण पार्सल भेजा गया है।
बैठक में व्यस्त होने के कारण पूर्व मंत्री ने कॉल अपने निजी सहायक (PA) को ट्रांसफर करने के लिए कहा। इसके बाद ठग ने पीए को फोन कर दावा किया कि पार्सल का पता स्पष्ट नहीं है और एड्रेस वेरिफाई करने के लिए मोबाइल से एक विशेष कोड डायल करने को कहा। ठग ने भरोसा दिलाया कि ऐसा करने पर कूरियर सीधे बंगले तक पहुंच जाएगा।
ऐसे सक्रिय होता है कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग पीड़ित से एक विशेष USSD कोड डायल करवाते हैं, जिससे मोबाइल पर आने वाली कॉल दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड हो जाती हैं। इसके बाद बैंक, ओटीपी और अन्य महत्वपूर्ण कॉल ठगों के नंबर पर पहुंचने लगती हैं, जिससे वे बैंक खाते और अन्य ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं।
ऐसे देते हैं झांसा
साइबर अपराधी अक्सर खुद को—
- कूरियर कंपनी का कर्मचारी
- बैंक अधिकारी
- टेलीकॉम कस्टमर केयर प्रतिनिधि
- सरकारी विभाग का कर्मचारी
बताकर फोन करते हैं। वे पार्सल अटकने, सिम ब्लॉक होने या केवाईसी अपडेट जैसे बहाने बनाकर पीड़ित से मोबाइल में विशेष कोड डायल करवाते हैं।
क्या रखें सावधानी?
- फोन पर किसी के कहने पर कोई भी USSD कोड डायल न करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी या कॉल सेटिंग साझा न करें।
- संदिग्ध कॉल आने पर संबंधित कंपनी के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर पुष्टि करें।
- कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय होने का संदेह हो तो तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करें।

Comments