भूपेश बघेल ने कहा कि जिस तरह इतिहास में महमूद गजनवी पर सोमनाथ मंदिर को लूटने के आरोप लगे थे, उसी तरह आज राम मंदिर को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान खाद संकट, नकली उर्वरक और मौसम की मार से परेशान हैं, जबकि सरकार के पास खाद की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है।
महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए बघेल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद आम जनता को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि तेल कंपनियां और सरकार अपने मुनाफे का हिसाब जनता के सामने क्यों नहीं रख रही हैं।
बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में आम जनता और किसान लगातार आर्थिक बोझ झेल रहे हैं। बिजली बिल बढ़ाकर किसानों और उपभोक्ताओं को झटका दिया गया है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियां आज भी जनता के सामने सबसे बड़े मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इनसे ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति पर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ आगामी चुनावों में उतरेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

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