NEET UG पुनर्परीक्षा 21 जून को, तकनीकी दिक्कत होने पर भी नहीं छूटेगी परीक्षा, जाने पूरी जानकारी

नई दिल्ली, 19 जून। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून को आयोजित होने वाली NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। एजेंसी ने सभी परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (फिंगरप्रिंट या फेसियल रिकग्निशन) अनिवार्य कर दिया है। यह प्रक्रिया अनिवार्य फ्रिस्किंग (तलाशी) के बाद पूरी की जाएगी, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
NTA ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, उनके लिए विशेष 'एक्सेप्शन प्रोटोकॉल' लागू रहेगा। यदि किसी अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक डेटा डिवाइस खराब होने, डेटा की गुणवत्ता कम होने या UIDAI सर्वर से कनेक्टिविटी संबंधी समस्या के कारण सत्यापित नहीं हो पाता है, तो उसे परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। ऐसे मामलों में केंद्र अधीक्षक द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रारूप में लिखित अंडरटेकिंग जमा करनी होगी।
एजेंसी ने परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी छात्र को बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए बाधित न किया जाए। यदि कोई औपचारिकता शेष रह जाती है, तो उसे परीक्षा शुरू होने से पहले या परीक्षा समाप्त होने के बाद पूरा कराया जाएगा, ताकि अभ्यर्थी बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें।
NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। वहीं PwD और PwBD श्रेणी के अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा और उनकी परीक्षा शाम 6:20 बजे तक चलेगी।
NTA ने चेतावनी दी है कि बिना किसी वैध कारण के बायोमेट्रिक सत्यापन से इनकार करने को परीक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
एजेंसी ने परीक्षार्थियों को समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और परीक्षा कर्मचारियों का सहयोग करने की सलाह दी है। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी NTA हेल्पडेस्क नंबर 011-40759000 और 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा neetug2026@nta.ac.in पर ईमेल के माध्यम से भी अपनी समस्याएं भेज सकते हैं।
 

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