आधी रात ‘नारी शक्ति’ को कानूनी ताकत: 2023 का महिला आरक्षण कानून लागू, सरकार लाई 3 नए बिल, विपक्ष बोला- ‘कानून तो लागू ही नहीं, संशोधन कैसा’


नई दिल्ली । महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का रास्ता साफ हो गया। केंद्र सरकार ने आधी रात नोटिफिकेशन जारी कर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ यानी महिला आरक्षण कानून को लागू कर दिया। इसके साथ ही सरकार 3 नए बिल भी संसद में लाई है जिनमें इस कानून में कुछ बदलाव प्रस्तावित हैं।

क्या है पूरा मामला: महिला आरक्षण कानून सितंबर 2023 में संसद से पास हुआ था। लेकिन इसमें प्रावधान था कि यह अगली जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन के बाद लागू होगा। अब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर इसे औपचारिक रूप से लागू किया है।

3 नए बिल क्यों: सरकार का कहना है कि कानून को व्यावहारिक बनाने और तकनीकी खामियां दूर करने के लिए 3 संशोधन बिल लाए गए हैं। इनमें सीटों के रोटेशन, आरक्षित सीटों के निर्धारण और राज्यसभा/विधान परिषद में लागू करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण हैं।

विपक्ष का हमला: कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि “जब कानून परिसीमन के बाद लागू होना है और परिसीमन 2026 की जनगणना के बाद होगा, तो अभी संशोधन बिल लाने का क्या मतलब?” विपक्ष का आरोप है कि सरकार सिर्फ ‘श्रेय लेने’ के लिए नोटिफिकेशन जारी कर रही है, जबकि असल लागू होने में अभी सालों लगेंगे।

कब मिलेगा फायदा: सरकार के नोटिफिकेशन के बावजूद 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू होना मुश्किल है। क्योंकि पहले जनगणना 2027, फिर परिसीमन 2028 तक चलेगा। यानी असर 2034 के चुनाव में दिखेगा।

सरकार का तर्क: कानून मंत्री ने कहा कि “नोटिफिकेशन जारी करना जरूरी था ताकि संवैधानिक प्रक्रिया पूरी हो। 3 बिल इसलिए लाए ताकि आगे कोई कानूनी अड़चन न आए।”

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