केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता वाली EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने 2 मार्च 2026 को ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का प्रस्ताव पारित किया था। वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद अब ब्याज राशि खातों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह लगातार तीसरा वर्ष है जब EPF पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले भी वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही रखी गई थी। सरकार की गारंटी वाले इस निवेश विकल्प को कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है।
इसी बीच EPFO अपने महत्वाकांक्षी ‘EPFO 3.0’ प्लेटफॉर्म को लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत कर्मचारियों को UPI और ATM जैसी सुविधाओं के जरिए PF राशि निकालने की सुविधा मिल सकती है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से तैयार इस प्रणाली की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और जल्द इसकी औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य अपने EPF खाते की राशि का 75 प्रतिशत तक हिस्सा सीधे बैंक खाते में तत्काल ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे कागजी प्रक्रिया, लंबी प्रतीक्षा और तकनीकी अड़चनों में कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम PF निकासी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुविधाजनक बनाएगा।

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