Google Map के भरोसे सफर पड़ा भारी: नाले में जा गिरी कार, 2 घंटे तक फंसा रहा परिवार

डेस्क/-  तकनीक पर अंधविश्वास कभी-कभी भारी पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां Google Map के निर्देशों का पालन करते हुए एक परिवार की कार सीधे पानी से भरे नाले में जा गिरी। कार में सवार चार लोग लगभग दो घंटे तक नाले में फंसे रहे। समय रहते सूचना मिलने पर राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

गूगल मैप ने दिखाया रास्ता, परिवार पहुंच गया नाले में


जानकारी के अनुसार परिवार दादरी से किठौर की ओर यात्रा कर रहा था। अपरिचित रास्ते होने के कारण उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। मैप द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हुए उनकी कार एक ऐसे रास्ते पर पहुंच गई, जो वास्तव में पानी से भरा नाला निकला। अंधेरे और रास्ते की सही जानकारी नहीं होने के कारण चालक को खतरे का अंदाजा नहीं हो पाया और कार नाले में उतर गई।

दो घंटे तक मौत के साए में फंसे रहे चार लोग

कार नाले में फंसने के बाद परिवार के चारों सदस्य अंदर ही फंसे रह गए। पानी बढ़ने और बाहर निकलने का रास्ता न मिलने के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई। करीब दो घंटे तक वे मदद का इंतजार करते रहे और लगातार बचाव की गुहार लगाते रहे।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे। राहत टीम ने तेजी से अभियान चलाते हुए कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नेविगेशन ऐप्स पर पूरी तरह निर्भर रहना सुरक्षित है? स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि अपरिचित मार्गों पर केवल डिजिटल मैप के भरोसे न रहें, बल्कि स्थानीय लोगों से भी रास्ते की पुष्टि अवश्य करें।

तकनीक सुविधा जरूर देती है, लेकिन सतर्कता और मानवीय विवेक की जगह नहीं ले सकती। हापुड़ की यह घटना इसी बात का बड़ा उदाहरण बन गई है।

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