विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित और संतुलित मात्रा में हल्दी का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। हल्दी वाला दूध चोट और दर्द में राहत देता है, जबकि हल्दी का पानी मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
कुछ शोधों में यह भी सामने आया है कि हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा यह मानसिक तनाव कम करने और शरीर के विभिन्न प्रकार के दर्द में आराम पहुंचाने में भी मददगार मानी जाती है।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि हल्दी का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। अधिक मात्रा में सेवन करने से खून पतला होने, मसूड़ों से रक्तस्राव, पेट दर्द, दस्त और सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए हल्दी का उपयोग संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि हल्दी के पोषक तत्वों का बेहतर लाभ पाने के लिए इसे काली मिर्च के साथ लेना अधिक प्रभावी हो सकता है।

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