रायगढ़ में तूफान का कहर, दीवार ढहने से महिला मजदूर की मौत; धमतरी में बिजली गिरने से 40 मवेशियों की जान गई

रायपुर, 19 जून। छत्तीसगढ़ में मानसून पूर्व मौसम का असर अब जानलेवा घटनाओं के रूप में सामने आने लगा है। गुरुवार शाम रायगढ़ जिले में आए भीषण आंधी-तूफान के दौरान दो फैक्ट्रियों के बीच बनी बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में पास की झोपड़ी में रह रही एक महिला मजदूर मलबे की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इधर राजधानी रायपुर में भी गुरुवार रात करीब 8 बजे तेज गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। वहीं धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 40 मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले चार से पांच दिनों के भीतर मानसून छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में भी पहुंच सकता है।
हालांकि बारिश की गतिविधियों के बीच बिलासपुर संभाग में गर्मी का असर बढ़ा है। पिछले 24 घंटों में यहां तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दुर्ग सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

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