सरगुजा 23 मई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 साल की सास को पीठ पर लादकर 5 किलोमीटर पैदल चलकर पेंशन लेने बैंक पहुंची। दरअसल, कुनवा के जंगलपारा स्थित घर से डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला पड़ता है, जिसके कारण वहां कोई गाड़ी नहीं पहुंच पाती है।
इसके बाद साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता और तय करना पड़ता है। महज 500 रुपए की पेंशन के लिए बुजुर्ग सास को इस तरह पीठ पर लादकर ले जाने का वीडियो भी सामने आया है। परिवार बेहद गरीब है, इसलिए उन्होंने किसी से मदद भी नहीं मांगी। बहू पहले भी कई बार इसी तरह अपनी सास को उठाकर बैंक ले जा चुकी है।
बैंक ने अब महिला को 3 महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दे दिए हैं। बहू ने बताया कि पहले बैंक मित्र घर पर ही पेंशन देने आता था, जिससे उन्हें सहूलियत होती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसने घर आना बंद कर दिया।
वहीं केवाईसी (KYC) पूरा नहीं होने के कारण भी कई महीनों से पेंशन अटकी हुई थी। इसी वजह से शुक्रवार को बहू को मजबूरी में अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर 5 किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक तक पैदल लाना पड़ा।
जानिए क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला मैनपाट ब्लॉक का है। शुक्रवार को कुनिया के जंगलपारा की रहने वाली सुखमनिया अपनी 90 साल की सास सोनवारी को पीठ पर लादकर करीब 5 किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक पहुंची। यहां बैंक ने उसे 3 महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए, जबकि खाते में चार महीने के कुल 2000 रुपए जमा थे।
बैंक पहुंची बहू सुखमनिया ने रोते हुए बताया कि पहले बैंक मित्र तपेश घर आकर पेंशन दे जाता था, लेकिन बाद में उसने घर पर पैसा देने से मना कर दिया। यही वजह है कि 3 महीने से भटकने के बाद उसे मजबूरी में सास को ढोकर बैंक लाना पड़ा।
जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ने के कारण वहां कोई गाड़ी नहीं चलती, इसलिए वह पैदल ही बैंक पहुंची। बुजुर्ग सोनवारी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता, उन्हें सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए ही मिलते हैं।
सिस्टम पर सवाल: 500 की पेंशन के लिए 5 KM का संघर्ष, बहू ने 90 साल की सास को पीठ पर लादकर पहुंचाया बैंक
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