नकटी में उजड़े 80 घर, खुले आसमान के नीचे कटी रात; विस्थापितों का छलावे का आरोप

रायपुर, 30 जून 2026। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद विस्थापित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सोमवार तड़के हुई कार्रवाई में करीब 80 मकानों को हटाए जाने के बाद कई परिवारों ने खुले आसमान के नीचे रात बिताई। प्रभावितों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले सुबह करीब चार बजे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और इसके बाद बुलडोजर चलाकर मकानों को ढहा दिया गया।
मंगलवार को गांव पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विस्थापितों के न्याय और अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
इससे पहले देर रात कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय भी गांव पहुंचे थे। विस्थापितों ने उन्हें बताया कि पुनर्वास के नाम पर 12 से 14 सदस्यों वाले परिवारों को केवल एक कमरा उपलब्ध कराया जा रहा है। उनका कहना है कि वहां बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि बरसात के मौसम तक किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे में अचानक हुई कार्रवाई से लोगों में नाराजगी और आक्रोश है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से पुनर्वास प्रक्रिया जारी रखने की बात कही जा रही है, जबकि प्रभावित परिवार बेहतर पुनर्वास, मूलभूत सुविधाओं और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। नकटी गांव का यह मामला अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

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