मौत का झूठा खेल: सांप काटने की फर्जी कहानियों से सरकारी खजाने को 60 लाख की चपत

बिलासपुर, 20 जून। सर्पदंश से मौत का झूठा दावा कर शासन से लाखों रुपये की सहायता राशि हड़पने वाले बड़े फर्जीवाड़े का बिलासपुर जिले में खुलासा हुआ है। विधानसभा में मामला उठने के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त जांच में 15 संदिग्ध प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें शासन को करीब 60 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। मामले में अब तक 14 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार मृतकों के परिजनों ने वास्तविक मृत्यु के कारणों को छिपाकर सर्पदंश से मौत का दावा किया और शासन की सहायता योजना के तहत प्रत्येक मामले में चार-चार लाख रुपये की मुआवजा राशि प्राप्त की। जांच में कई मामलों में सर्पदंश की कहानी पूरी तरह फर्जी पाई गई।
शहर के सिविल लाइन थाने में 3, सरकंडा में 5, कोनी में 3, तोरवा में 2 तथा सिटी कोतवाली में 1 मामला दर्ज किया गया है। कुल 14 एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
तोरवा थाना क्षेत्र के महमंद गांव में संतोष कुमार सूर्यवंशी ने अपनी पत्नी लता सूर्यवंशी की मृत्यु को सर्पदंश से होना बताकर चार लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त की थी। इसी तरह सफीना बानो ने अपने पति निशार खान की मौत को सर्पदंश से दर्शाकर मुआवजा लिया। राजस्व विभाग की जांच में दोनों मामलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल ने बताया कि सर्पदंश और जहरीले जीव-जंतुओं के काटने से हुई मौतों की जांच के दौरान 15 फर्जी प्रकरण सामने आए हैं। सभी मामलों में शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा।

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