नायब तहसीलदार पर वसूली का आरोप, ट्रैक्टर छोड़ने की कीमत बनी किसान की जिंदगी पर भारी, पी लिया जहर

कसडोल/बलौदाबाजार, 20 जून 2026: ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, किसान ने पी लिया कीटनाशक; अस्पताल में भर्ती
बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में कथित रिश्वतखोरी के आरोपों के बीच एक किसान द्वारा कीटनाशक पी लेने का मामला सामने आया है। घटना ग्राम चांटीपाली की है, जहां रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग किए जाने का आरोप लगाते हुए किसान ने आत्मघाती कदम उठा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार किसान कमल ओगरे के पुत्र राज ओगरे शुक्रवार सुबह महानदी से रेत लेकर ट्रैक्टर से लौट रहे थे। इसी दौरान राजस्व विभाग की कार्रवाई में ट्रैक्टर को रोक लिया गया। राज ओगरे का आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की गई। रकम नहीं देने पर वाहन को कसडोल थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया।
राज ने दावा किया कि उसके साथ पकड़े गए दो अन्य ट्रैक्टरों को कथित रूप से पैसे लेने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि उनका ट्रैक्टर जब्त रखा गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि फोन पर बातचीत के दौरान उसे धमकाया गया।
जब इस घटना की जानकारी किसान कमल ओगरे को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। परिवार का आरोप है कि काफी प्रयासों के बावजूद ट्रैक्टर नहीं छोड़ा गया, जिससे आहत होकर कमल ओगरे ने करीब 10 बजे कीटनाशक पी लिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कसडोल विधायक संदीप साहू ने कहा है कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली की गई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, आरोपों के केंद्र में आईं नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने रिश्वत मांगने के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि रेत परिवहन के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई थी।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है और स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।

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