प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं चलने तथा कुछ क्षेत्रों में वज्रपात की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
सक्रिय मौसमी तंत्र से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पंजाब से बिहार तक फैली सीजनल द्रोणिका और प्रदेश में सक्रिय मौसमी तंत्र के प्रभाव से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके कारण प्रदेश के अनेक हिस्सों में बादल छाए रहने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। एक-दो स्थानों पर अंधड़ की स्थिति भी बन सकती है।
इन क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान करपावंड और सामरी में 5 सेंटीमीटर, बस्तानार में 4 सेंटीमीटर तथा बकावंड, अंबिकापुर और भनपुरी में 3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं नगरी, छुईखदान, मर्दापाल, कुकरेल, दुर्ग, रायपुर शहर, कोंडागांव और आसपास के क्षेत्रों में 2 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बिलासपुर में गिरा पारा
बारिश और बादलों की वजह से बिलासपुर का अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम रहा। वहीं रायपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में गिरावट से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है।
23 जून तक पूरे प्रदेश में सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है। ऐसे में प्रदेशवासियों का मानसून की पहली जोरदार बारिश का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है।

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