नई रणनीति के तहत अब बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर पर हर माह नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठनात्मक बैठकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इन बैठकों में संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और बूथ सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा होगी।
भाजपा का मानना है कि चुनावी सफलता की सबसे मजबूत नींव बूथ स्तर पर तैयार होती है। इसी वजह से पार्टी का सबसे अधिक फोकस बूथों को मजबूत बनाने पर है। प्रदेश में परिसीमन और मतदाता पुनरीक्षण के बाद बूथों की संख्या बढ़कर करीब 28 हजार हो गई है। ऐसे में नए बूथों पर भी विशेष रणनीति के तहत काम किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हर माह पहले सप्ताह में मंडल, दूसरे सप्ताह में जिला, तीसरे सप्ताह में शक्ति केंद्र और चौथे सप्ताह में बूथ स्तर की बैठकें आयोजित होंगी। इसके साथ ही बूथ बैठकों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को भी सामूहिक रूप से सुना जाएगा।
प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों की बैठक हर माह आयोजित होगी, जबकि प्रत्येक तीन माह में कार्यसमिति की बैठक करना अनिवार्य रहेगा। भाजपा का उद्देश्य 2028 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना है।


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