जानकारी के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। वहीं डीजल और दूध की दरों में भी बढ़ोतरी ने होटल संचालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों पर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में दही, पनीर, मिठाई और होटल के खाने की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
मिठाई व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही सूखे मेवे और अन्य खाद्य सामग्री महंगी हो चुकी हैं। अब गैस और डीजल के बढ़ते दामों ने उत्पादन लागत को और बढ़ा दिया है। होटल संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के बीच कारोबार संभालना मुश्किल हो रहा है।
व्यापारियों ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को भी महंगाई का बड़ा कारण बताया है। उनका कहना है कि वैश्विक बाजार में बढ़ते तनाव का असर भारत सहित छत्तीसगढ़ के बाजारों पर भी पड़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में आम लोगों की जेब पर और अधिक बोझ बढ़ सकता है।

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