रायपुर, 27 अप्रैल 2026। प्रदेश के 1535 अतिथि शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इनके 6 महीने से अटके मानदेय भुगतान के लिए 13.81 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। राशि सीधे जिला शिक्षा अधिकारी DEO के खाते में भेजी जाएगी। विभाग ने दूरस्थ और आदिवासी जिलों को प्राथमिकता दी है।
क्यों अटका था भुगतान: 2025-26 सत्र में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति तो हो गई थी, लेकिन बजट आवंटन में देरी के कारण अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक का मानदेय रुका हुआ था। शिक्षकों ने कई बार कलेक्टर और DEO से गुहार लगाई थी।
विभाग का आदेश: संचालक लोक शिक्षण ने 27 अप्रैल को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि DEO 7 दिन के भीतर अतिथि शिक्षकों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करें। मानदेय 9 हजार से 12 हजार महीना के हिसाब से दिया जाएगा। प्राथमिक में 9 हजार, मिडिल में 10 हजार और हाई-हायर सेकेंडरी में 12 हजार महीना तय है।
शिक्षकों में खुशी: बलरामपुर के अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कहा, “होली-दिवाली सूखी निकल गई थी। अब बकाया मिल जाएगा तो बच्चों की फीस और घर का खर्च चल पाएगा। सरकार का धन्यवाद।”फोकस दूरस्थ इलाकों पर: विभाग ने जानबूझकर बलरामपुर, सरगुजा, बस्तर, जशपुर जैसे आदिवासी बाहुल्य जिलों को ज्यादा फंड दिया है। यहां अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही सैकड़ों स्कूल चल रहे हैं। सक्ती जैसे नए जिलों में पद कम होने से राशि कम मिली है।

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