सरकार ने कफ सिरप को सख्त नियामकीय निगरानी के दायरे में लाने के लिए दवा नियमों में संशोधन किया है। इस कदम का उद्देश्य दवाओं के गलत उपयोग को रोकना, मरीजों की सुरक्षा बढ़ाना और नकली या दूषित दवाओं पर नियंत्रण करना है।
नई व्यवस्था के तहत अब लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी और मेडिकल स्टोर ही निर्धारित नियमों के अनुसार कफ सिरप का वितरण कर सकेंगे। पहले कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष छूट के तहत कफ सिरप की बिक्री संभव थी, लेकिन संशोधित नियमों के बाद यह छूट भी समाप्त कर दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगेगी और मरीजों को उचित चिकित्सकीय सलाह के बाद ही दवा मिलेगी। मंत्रालय का मानना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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