डीपीआई के आदेश के अनुसार 16 जून से प्रदेश की सभी शासकीय शालाओं में कार्यरत शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति VSK ऐप के जरिए दर्ज की जाएगी। वहीं संभागीय, जिला और विकासखंड स्तर के कार्यालयों, डाइट, बीटीआई तथा शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों में आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी गई है।
विभाग ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवरणों को सेवा पुस्तिका से मिलान कर विभागीय पोर्टल पर अद्यतन किया जाना था, लेकिन कई संस्थानों में यह कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। चूंकि VSK पोर्टल में जानकारी विभागीय पोर्टल से ही प्राप्त की जा रही है, इसलिए सभी अधीनस्थ कार्यालयों और संस्थाओं को तत्काल डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संचालन के लिए नियुक्त किए जाने वाले नोडल अधिकारियों की जानकारी भी कई जिलों और विकासखंडों से प्राप्त नहीं हुई है। डीपीआई ने निर्धारित प्रारूप में सही और पूर्ण जानकारी तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने चेतावनी दी है कि सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यदि किसी कर्मचारी की उपस्थिति VSK ऐप या आधार सक्षम बायोमैट्रिक प्रणाली में दर्ज नहीं होती है तो उसका जून माह का वेतन रोका जा सकता है। साथ ही निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
इस आदेश के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बीच ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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