सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, प्रदेश समन्वयक जी.आर. चंद्रा और जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा ने कहा कि राज्य शासन कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता नहीं दे रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति के कारण कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान ‘मोदी की गारंटी’ के तहत कर्मचारियों से किए गए वादों को अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों पर शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य शासन ने अखिल भारतीय सेवा, विद्युत विभाग तथा न्यायिक विभाग के अधिकारियों को महंगाई भत्ते का लाभ देने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। इसे कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताते हुए उन्होंने समानता के आधार पर सभी कर्मचारियों को लाभ देने की मांग की।
भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। सभा के बाद कर्मचारी पुराने कंपोजिट बिल्डिंग परिसर से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में महेंद्र तिवारी, राजेंद्र दवे, हिमाचल साहू, अनिल सिंह, ओम त्रिपाठी, दुर्गेश साहू, प्रवीण यादव, अश्वनी पांडे, अजय धुर्वे, रामकुमार मिश्रा, विजय श्रीवास, शशिकांत सोनी, नंदकुमार साहू, विकास तिवारी, राजेश्वर वस्त्रकार और गोविंद साहू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। महिला प्रतिनिधियों में मतीना बंजारे, आरती राय, रामबाई चौधरी, पूर्णिमा उपाध्याय, रेणुका बांसियार, इंदु यादव, आरती सिंह और ममता ठाकुर की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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