आंगनबाड़ी कर्मियों के कर्मचारी दर्जे पर फिर छिड़ी बहस, केंद्रीय मंत्री के बयान से बढ़ी हलचल

बिलासपुर, 11 जून 2026। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, नियमितीकरण, पेंशन तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांगों के बीच केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री सिंह ठाकुर का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। बिलासपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि उनकी नियुक्ति समाजसेवी स्वरूप में की जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में ही यह स्पष्ट उल्लेख होता है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने बताया कि नियुक्ति कॉलम में उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में दर्ज किया जाता है और वर्षों से यही व्यवस्था लागू है।
सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हित में लगातार सुविधाओं का विस्तार कर रही है। मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के एकीकरण से व्यवस्था को मजबूत किया गया है तथा सहायिकाओं के लिए पदोन्नति के अवसर भी उपलब्ध कराए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा, प्रसूति अवकाश सहित कई सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभ भी दिए जा रहे हैं।

Comments