राजापड़ाव क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोकड़ी, गरहाडीह, गौरगांव, भूतबेड़ा, कुचेंगा सहित आठ पंचायतों के 48 गांवों और आश्रित पाराटोलों के ग्रामीण अड़गड़ी गौठान में एकत्र हुए। जय अंबेडकरवादी युवा संगठन एवं किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने खून से पोस्टकार्ड लिखकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अवसर गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। आधुनिक दौर में भी क्षेत्र के हजारों लोग अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि 21वीं सदी में भी क्षेत्र का बिजली से वंचित रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक से ग्रामीण लगातार विद्युतीकरण की मांग कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि क्षेत्र में विद्युतीकरण के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मंजूरी आवश्यक है। इसी कारण अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित प्राधिकरण को खून से लिखे गए 500 से अधिक पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष कई बार अपनी समस्या रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। ऐसे में यह कदम उनकी मजबूरी और वर्षों की उपेक्षा का प्रतीक है।

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