जानकारी के अनुसार, 5 से 7 वर्ष की आयु के दौरान अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराने वाले बच्चों के आधार कार्ड विभिन्न सेवाओं में मान्य नहीं हो रहे हैं। इससे अभिभावकों को छात्रवृत्ति, बैंक खाते, सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
UIDAI के नियमों के अनुसार, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार में फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा दर्ज नहीं किया जाता। इसलिए 5 वर्ष पूरे होने पर पहला बायोमेट्रिक अपडेट और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर दूसरा अपडेट कराना आवश्यक होता है।
आधार सेवा केंद्रों पर प्रतिदिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां अपडेट न होने के कारण बच्चों का आधार प्रमाणीकरण बंद हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश अभिभावकों को इस नियम की जानकारी नहीं होने के कारण बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बायोमेट्रिक अपडेट के लिए बच्चे की आधार सेवा केंद्र पर स्वयं उपस्थिति जरूरी होती है, क्योंकि फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन की सुविधा केवल केंद्रों पर ही उपलब्ध है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं की जा सकती।
UIDAI ने अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी या वित्तीय सेवा का लाभ लेने में बाधा न आए।

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