रेडक्रॉस भवन में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है और इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निजी स्कूलों को नियमों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने विद्यालयों की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक स्तर और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तरीय विशेष निरीक्षण दल गठित करने के निर्देश दिए। यह दल समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा।
उन्होंने निरीक्षण दल को शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से अभिभावकों से संपर्क कर विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की व्यवस्था विकसित करने को कहा।

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