गृहमंत्री ने मारपीट और सड़क दुर्घटना जैसी घटना की शिकायत दर्ज कराई और फिर सड़क किनारे खड़े होकर पुलिस टीम के पहुंचने का इंतजार किया। निर्धारित समय के भीतर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने रिस्पांस टाइम, संचार व्यवस्था और वाहन में उपलब्ध आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान गृहमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया को समझा और आम लोगों को बेहतर एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डायल-112 सेवा आम नागरिकों की सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है और तकनीक के बेहतर उपयोग से पुलिसिंग को अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 18 मई को प्रदेश के सभी 36 जिलों में नेक्स्ट जेनरेशन डायल-112 सेवा की शुरुआत की गई थी। नई तकनीक से लैस इन वाहनों में आधुनिक संचार प्रणाली, लोकेशन ट्रैकिंग, त्वरित सहायता और महिला सुरक्षा से जुड़ी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके जरिए पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड और महिला हेल्पलाइन जैसी सेवाओं को एकीकृत मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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