फिल्म ‘आखिरी सवाल’ की शुरुआत प्रो. गोपाल नाडकर्णी (संजय दत्त) और उनके स्टूडेंट विक्की हेगड़े (नमाशी चक्रवर्ती) की बीच एक तकरार से शुरू होती है। इस तकरार की वजह आरआरएस यानी संघ है। विक्की ने संघ को देशद्रोही घोषित करते हुए अपनी थिसिस लिखी हैं, जिसे प्रो. गोपाल नाडकर्णी कैंसिल करवा देते हैं। जब इस बात पर विक्की आक्रोश में आकर प्रोफेसर गोपाल पर सवाल उठता है, संघ पर आरोप लगाता है तो उसे बदले में थप्पड़ मिलता है। विक्की के गालों पर पड़ा थप्पड़ स्टूडेंट्स के बीच गुस्सा पैदा कर देता है। प्रोफेसर के खिलाफ विरोध के स्वर उठते हैं, प्रदर्शन होते हैं। फिर अचानक कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है, विक्की संघ के बारे में प्रो. नाडकर्णी से पांच सवाल पूछने की बात कहता है। यह कोई मामूली सवाल है, इन सवालों के जरिए संघ के इतिहास के बंद पन्ने खुलते हैं। महात्मा गांधी की हत्या, बाबरी विध्वंस और संस्था पर बैन से लेकर तमाम मुद्दों पर चर्चा होती है। शुरुआती दो सवाल विक्की, प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी से कॉलेज कैंपस में पूछता है। बाकी के तीन सवाल टीवी डिबेट में लाइव टेलीकास्ट में पूछे जाते हैं। इन सवालों के जो जवाब प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी देते हैं, वो दर्शकों को चौंकाते हैं और इतिहास के एक अनकहे सच से रूबरू करवाते हैं
किरदारों में उतरने की कोशिश करते दिखे कलाकार
फिल्म में संजय दत्त प्रो गोपाल नाडकर्णी के किरदार में फिल्म के शुरुआत में रमते हुए नजर आते हैं। लेकिन कई दृश्यों में किरदार से ज्यादा उन पर अपनी यानी संजय की पर्सनालिटी हावी होने लगती है। वह गुस्से वाले दृश्यों में जरूरत से ज्यादा चीखते-चिल्लाते हुए नजर आते हैं। लेकिन स्टूडेंट विक्की हेगड़े के रोल में नमाशी चक्रवर्ती (मिथुन चक्रवर्ती के छोटे बेटे) जरूर असर छोड़ते हैं, उनका अभिनय सधा हुआ लगता है। सहायक कलाकारों के तौर पर अमित साध, नीतू चंद्रा जितनी देर भी स्क्रीन पर नजर आए, ठीक-ठाक ही लगे। वहीं समीरा रेड्डी का किरदार काफी हटकर रहा, इसके नेगेटिव शेड्स को उन्होंने पर्दे पर बखूबी उतारा है।
इतिहास के बंद पन्ने खोलती है फिल्म’, संजय दत्त से ज्यादा नमाशी चक्रवर्ती ने छोड़ा असर

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