कोयला गैसीकरण से बदलेगी देश की तस्वीर, केंद्र ने मंजूर किए 37,500 करोड़

बिलासपुर, 14 मई 2026: देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है।
इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता विकसित करना है। इससे देश में उर्वरक, रसायन, ईंधन और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण को नई गति मिलेगी। साथ ही आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार के अनुसार, योजना के तहत नई परियोजनाओं को प्लांट और मशीनरी लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। परियोजनाओं का चयन पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया से होगा।
एसईसीएल क्षेत्र में भी कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर तेजी से काम जारी है। विशेष रूप से सूरजपुर जिले की महामाया खदान में परीक्षण और अध्ययन किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में कोयले के स्वच्छ और वैकल्पिक उपयोग की दिशा में अहम साबित हो सकती है।
कोयला गैसीकरण तकनीक के जरिए कोयले को सिंथेटिक गैस में बदला जाता है, जिसका उपयोग कई औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। इस परियोजना से देश में करीब 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपए तक के निवेश आकर्षित होने और हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है।

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