“CG की महिलाओं के लिए बड़ी जीत: विधानसभा में 33% आरक्षण संकल्प पास, जानिए आपकी सीट कब होगी रिजर्व”

रायपुर, 30 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को ऐतिहासिक दिन रहा। मानसून सत्र के आखिरी दिन सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33% महिला आरक्षण लागू करने का शासकीय संकल्प सदन में पेश किया, जो 10 घंटे की लंबी चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित हो गया*। *हालांकि मतदान से पहले विपक्ष ने सदन का बहिष्कार कर *दिया*।

सदन में क्या हुआ: डिप्टी CM अरुण साव ने संकल्प प्रस्तुत किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच करीब 10 घंटे तक तीखी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि BJP सरकार को 2028 के विधानसभा चुनाव में हार का डर है, इसीलिए आनन-फानन में बिल लाया गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, “केंद्र ने महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया है। जब तक जनगणना नहीं होगी, यह लागू नहीं हो सकता*। *सरकार पहले जनगणना कराए”*। *इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर *दिया*।

CM साय का जवाब: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष के विरोध पर हैरानी जताई*। *बोले, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास कराकर देश की आधी आबादी को उसका हक दिया है। हम मोदी की गारंटी पूरी कर रहे हैं। समझ से परे है कि विपक्ष महिला सशक्तिकरण का विरोध क्यों कर रहा है। यह राजनीति नहीं, मातृशक्ति का सम्मान है”।

क्या बदलेगा: संकल्प पारित होने से विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का रास्ता साफ हो गया है। छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से 30 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। 11 लोकसभा सीटों में से 4 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

कब से होगा लागू: केंद्र के कानून के मुताबिक महिला आरक्षण 2026 में होने वाली जनगणना और उसके बाद परिसीमन के बाद ही लागू होगा। संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 2028 विधानसभा चुनाव या 2029 लोकसभा चुनाव से यह नियम लागू हो *जाएगा*।

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