CG में खनिज चोरी रुकेगी, राजस्व बढ़ेगा: खदानों की ड्रोन से निगरानी शुरू, जानिए नए सिस्टम से क्या बदलेगा

रायपुर, 30 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ विजन के तहत प्रदेश की सभी वैध खदानों को 100% डिजिटल कंट्रोल में लाया जा रहा है। अब हर खदान की ड्रोन से नियमित जांच होगी। सैटेलाइट इमेज और AI बेस्ड अलर्ट सिस्टम से अवैध उत्खनन की तुरंत पहचान हो *जाएगी*।

क्या है नया सिस्टम: 
ड्रोन सर्वे: हर महीने ड्रोन से खदानों की 3D मैपिंग होगी। स्वीकृत क्षेत्र से बाहर खुदाई होते ही अलर्ट जनरेट होगा। 
जियोफेंसिंग: सभी खदानों की बाउंड्री जियोफेंस की गई है। GPS लगे ट्रक अगर निर्धारित रूट से हटे तो कंट्रोल रूम में *अलार्म बजेगा*। 
ऑनलाइन वे-ब्रिज: सभी तौल कांटे NOC से जुड़े*। *ओवरलोडिंग या फर्जी पर्ची पर रोक*। *डेटा रियल-टाइम में विभाग को *मिलेगा*। 
e-Transit Pass अनिवार्य: बिना e-TP के कोई ट्रक खदान से बाहर नहीं निकल पाएगा। QR कोड स्कैन से पूरी डिटेल वैरिफाई होगी। 
24x7 कमांड सेंटर: खनिज संचालनालय रायपुर में स्टेट माइनिंग सर्विलांस सिस्टम SMSS का कंट्रोल रूम*। *लाइव डैशबोर्ड पर पूरे प्रदेश की *मॉनिटरिंग*।

कहां से शुरू: पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रायगढ़, कोरबा, सरगुजा और बिलासपुर की कोयला, चूना पत्थर और डोलोमाइट खदानों में सिस्टम लागू कर दिया गया है। 3 महीने में पूरे प्रदेश में विस्तार होगा।

सरकार का बयान: खनिज मंत्री ने कहा, “पहले मैनुअल जांच में समय लगता था और मिलीभगत की गुंजाइश रहती थी। अब तकनीक से 100% पारदर्शिता आएगी। अवैध खनन से होने वाले राजस्व नुकसान को रोकेंगे*। *इससे ईमानदार कारोबारियों को *फायदा होगा”*।

फायदा क्या: अवैध खनन पर रोक, राजस्व में 300-400 करोड़ सालाना बढ़ोतरी की उम्मीद, पर्यावरण का संरक्षण, दुर्घटनाओं में कमी*। *आम जनता पोर्टल पर किसी भी खदान की *स्थिति देख सकेगी*।

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