बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 82 वर्षीय रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसाकर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ठगी कर ली। जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को वीडियो कॉल के जरिए डराया। उन पर टेरर फंडिंग का झूठा आरोप लगाया गया और कहा गया कि उनका नाम गंभीर मामले में शामिल है।
7 दिन तक मानसिक दबाव में रखा
ठगों ने महिला को करीब एक सप्ताह तक लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी। इस दौरान उन्हें किसी से संपर्क न करने की सख्त हिदायत दी गई, जिससे वे पूरी तरह मानसिक दबाव में आ गईं।
किस्तों में ट्रांसफर कराए पैसे
डर और भ्रम की स्थिति में महिला ने अलग-अलग तारीखों पर कई किस्तों में रकम ट्रांसफर की—
20 लाख रुपये
34.20 लाख रुपये
15.20 लाख रुपये
35.20 लाख रुपये
इस तरह कुल 1.04 करोड़ रुपये ठगों के खातों में पहुंच गए। फर्जी नोटिस और जेल की धमकी
ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नाम से फर्जी दस्तावेज और वारंट भेजकर महिला को और डराया। यहां तक कि उनके बेटे और पोते को भी जेल भेजने की धमकी दी गई।
अभी-अभी: बिलासपुर में साइबर ठगी का सबसे बड़ा कांड, जानिये पूरी खबर

Comments