रायपुर। 44 डिग्री की तपती गर्मी में रसोई गैस के लिए लोग लाइनों में तप रहे हैं। बुकिंग के 25 दिन बाद भी 2-3 दिन में सिलेंडर नहीं मिल रहा। हालत ये है कि पर्ची लेकर शहर से 8-10 किलोमीटर दूर गोदाम जाना पड़ रहा है।
क्यों आई किल्लत: खाड़ी देशों से LPG आपूर्ति प्रभावित होने का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ा है। मार्च तक रोज सिलेंडर सप्लाई मिलती थी, अब हालात बिगड़ गए। बुकिंग 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। पहले रोज 2500-3000 उपभोक्ता बुकिंग करते थे, अब संख्या 1000 के आसपास रह गई है।
एजेंसियों का हाल: बैरनबाजार की लक्ष्मी गैस, टाटीबंध की इंडेन और डंगनिया गैस एजेंसी में सुबह से लंबी लाइनें*। लोग बुकिंग, KYC और पर्ची के लिए खड़े हैं। *छोटी गाड़ियां भेजी जा रही हैं, जिससे बार में कम सिलेंडर पहुंच रहे।
उपभोक्ताओं का दर्द:
निर्मला दास, डंगनिया: “8 अप्रैल को ऑनलाइन बुक किया, आज तक सिलेंडर नहीं आया। 4 दिन से एजेंसी फोन नहीं उठा रही।”
दिनेश निषाद, तेलीबांधा: “15 दिन पहले बुक किया। OTP/डीएसी नंबर नहीं आया। एजेंसी बोली- OTP नहीं तो सिलेंडर नहीं।”
मनोज फरिकार, पुरानी बस्ती: “2 घंटे लाइन में लगकर पर्ची मिली। छुट्टी लेकर गोदाम गया तब सिलेंडर मिला।”
संजय, कालीबाड़ी: “OTP आने के बाद भी नहीं मिला। बोले- 2 दिन बाद घर आएगा। जल्दी चाहिए तो गोदाम से ले लो।”
नया संकट OTP का: डिलीवरी के लिए OTP या DAC नंबर जरूरी कर दिया गया है। नेटवर्क इश्यू या सर्वर डाउन होने से OTP नहीं आ रहा, और *बिना OTP सिलेंडर नहीं मिल रहा*।

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