छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: सीवर सफाई में मौत या हादसा हुआ तो अफसर होंगे जिम्मेदार, PPE किट-बीमा अनिवार्य, हर जिले में इमरजेंसी सैनिटेशन यूनिट, 1100 हेल्पलाइन जारी

रायपुर, 1 जून 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और आधुनिक मशीनों के किसी भी सफाईकर्मी को सीवर या सेप्टिक टैंक में प्रवेश नहीं कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन या किसी हादसे की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकार ने ‘नमस्ते योजना’ के तहत सभी पात्र सफाईकर्मियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हेलमेट, गमबूट, सुरक्षा हार्नेस, मास्क और सुरक्षा सूट सहित PPE किट उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। सफाईकर्मियों को स्वास्थ्य कवरेज, समूह दुर्घटना बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया है। बिना सुरक्षा उपकरणों के किसी कर्मचारी से काम कराना गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा।
सीवर और सोकर दुर्घटनाओं में त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय में ‘इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट’ स्थापित की जाएगी। इन यूनिटों में जेटिंग मशीन, सक्शन मशीन और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। विभाग ने सभी नगरीय निकायों को मशीन आधारित सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए हैं।
असुरक्षित सफाई कार्य और हाथ से मैला उठाने जैसी प्रतिबंधित गतिविधियों की शिकायतों के लिए 1100 हेल्पलाइन जारी की गई है। साथ ही प्रत्येक नगरीय निकाय में ‘सफाई सुरक्षा नोडल अधिकारी’ नियुक्त किया जाएगा, जो शिकायतों के समाधान और सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करेगा। सरकार ने दोहराया है कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना और सफाईकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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